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नई दिल्‍ली. क्रिकेट भले ही शारीरिक खेल है लेकिन इसमें दोनों टीमों के खिलाड़ी एक-दूसरे को मानसिक स्‍तर पर भी ‘टेस्‍ट’ करते हैं. क्रिकेट मैदान पर गेंदबाज कई बार छींटाकशी (Sledging) करके विपक्षी टीम के बैटर का ध्‍यान भंग करने की कोशिश करते हैं. क्‍लोज इन फील्‍डर भी कई बार बैटर पर कमेंट कर उसे गुस्‍सा दिलाने की कोशिश करते हैं. इस सबके पीछे मकसद यही होता है कि बैटर गुस्‍से में आकर गलत शॉट खेले और विकेट गंवा बैठे. कई बार बॉलर और फील्‍डर इस कोशिश में कामयाब भी होते है. इसके विपरीत कई बार बैटर इस ‘मेंटल बेटल’ में जीत हासिल करता है. कभी वह इस स्‍लेजिंग के पीछे के मकसद को भांपकर लंबी पारी खेलने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हो जाता है तो कभी विपक्षी टीम के इस प्रयास का अपने बल्‍ले के जरिये मुंहतोड़ जवाब देता है.

क्रिकेट मैदान में ऐसे मौके भी आते हैं जब प्‍लेयर्स के बीच की स्‍लेजिंग बहुत ही निचले स्‍तर पर आकर अपमानजनक कमेंट और गाली गलौज पर केंद्रित हो जाती है. ऐसे में ग्राउंड अंपायर को दखल देकर प्‍लेयर्स को अनुशासित करना पड़ता है. वैसे स्‍लेजिंग खेल का हिस्‍सा है और खेल की लोकप्रियता को बढ़ाने में इसका योगदान है लेकिन इसमें शब्‍दों की मर्यादा का ध्‍यान हमेशा रखा जाना चाहिए. वैसे तो हर टीम के प्‍लेयर स्‍लेजिंग करते हैं लेकिन ऑस्‍ट्रेलियाई प्‍लेयर इसके लिए ज्‍यादा ‘बदनाम’ रहे हैं.

नजर डालते हैं इंटरनेशनल क्रिकेट में Sledging की खास घटनाओं पर..

‘आपको साथी पप कहते हैं, किस ब्रीड के हैं?’

2004 में ऑस्‍ट्रेलिया टीम भारत में टेस्‍ट सीरीज खेलने आई थी. इस टीम के युवा प्‍लेयर माइकल क्‍लार्क (Michael Clarke) सीरीज में सचिन तेंदुलकर को लेकर कमेंट कर रहे थे जिसका वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने इसी अंदाज में जवाब दिया था. सचिन को चुनौती देते हुए क्‍लार्क कह रहे थे, ‘आप बहुत बुजुर्ग हो गए हो आपको जाने (रिटायर होने) की जरूरत है. क्‍लार्क की इस स्‍लेजिंग से तंग आकर सहवाग ने इस ऑस्‍ट्रेलियाई बैटर से पूछा – आपकी उम्र क्‍या है तो क्‍लार्क ने कहा-23 साल.’ इस पर सहवाग ने कहा-जितनी तुम्‍हारी उम्र है उससे अधिक उनके (सचिन के) टेस्‍ट और वनडे में शतक हैं. अपनी उम्र वाले से उलझिए. इसके बाद भी क्‍लार्क नहीं रुके तो वीरू ने उनसे पूछा – आपको साथी Pup कहकर बुलाते हैं तो क्‍लार्क ने जवाब दिया-हां. इस पर वीरू ने पूछा-आप किस ब्रीड (नस्‍ल) के Pup हैं? सहवाग की यह बात सुनकर क्‍लार्क की बोलती बंद हो गई थी.

‘जब मैंने पहला टेस्‍ट खेला तो तुम नैपी पहनते थे’

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स्‍टीव वॉ (Steve Waugh)ऑस्‍ट्रेलिया टीम के बेहतरीन बल्‍लेबाज और कप्‍तान रहे हैं. वर्ष 1985 में भारत के खिलाफ मेलबर्न में टेस्‍ट डेब्‍यू करने वाले स्‍टीव ने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच भी भारत के खिलाफ ही खेला था. जनवरी 2004 में सिडनी में हुए इस टेस्‍ट में भारत के विकेटकीपर पार्थिव पटेल (Parthiv Patel) ने स्‍लेजिंग करके स्‍टीव को उकसाने का प्रयास किया था जिसका ऑस्‍ट्रेलियाई बैटर ने जोरदार जवाब दिया था. पहली पारी में 705 रन बनाकर और ऑस्‍ट्रेलिया को 474 के स्‍कोर पर आउट करके भारत मैच में मजबूत स्थिति था. टीम ने दूसरी पारी में कंगारू टीम के सामने 443 रनों को भारीभरकम टारगेट रखा था और स्‍टीव अपनी बैटिंग से टीम की हार बचाने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान ‘छुटके’ पार्थिव ने वॉ को उकसाते हुए विकेट से पीछे से कहा-आइए देखते हैं कि आप एक स्लॉग-स्वीप खेल सकते हैं या फिर फिर उसे मिस कर देते हैं. अपना आखिरी टेस्‍ट खेल रहे स्‍टीव को पार्थिव का यह कमेंट पसंद नहीं आया था. उन्‍होंने कहा था, ‘अपने सीनियर के प्रति कुछ सम्‍मान दिखाइए. जब मैंने अपना पहला टेस्‍ट खेला था तब आप नैपी में हुआ करते थे.’ स्‍टीव का कहना सही था. उन्‍होंने अपना पहला टेस्‍ट दिसंबर 1985 में खेला था जबकि पार्थिव का जन्‍म 9 मार्च 1985 को हुआ. स्‍टीव के डेब्‍यू के समय पार्थिव  महज छह माह के थे. पार्थिव ने शो ‘वाट द डक’ में भी स्‍टीव के साथ इस नोकझोंक का जिक्र किया था और बताया था कि खेल की गर्मी में उनसे यह ‘गलती’ हुई थी.

मिचेल जॉनसन को एंडरसन ने दिया था अलग अंदाज में जवाब

भारत और पाकिस्‍तान की ही तरह ऑस्‍ट्रेलिया और इंग्‍लैंड को भी प्रबल प्रतिद्वंद्वी माना जाता है. एशेज में दोनों टीमों के प्‍लेयर्स के बीच कई बार जमकर स्‍लेजिंग होती है. 2010-11 की एशेज सीरीज में ऑस्‍ट्रेलिया की बैटिंग के दौरान मिचेल जॉनसन (Mitchell Johnson)और इंग्‍लैंड के तेज गेंदबाज जेम्‍स एंडरसन (James Anderson) के बीच नोकझोंक हुई थी. पर्थ में सीरीज के तीसरे टेस्‍ट के पहले दिन नॉन स्‍ट्राइकर एंड पर  जॉनसन ने बॉलर एंडरसन को पास बुलाकर पूछा था, ‘दोस्‍त आप इतना होहल्‍ला क्‍यों कर रहे हो? विकेट नहीं मिल रहे इसलिए.. ‘ अगली ही गेंद पर एंडरसन ने स्‍ट्राइक पर मौजूद ऑस्‍ट्रेलियाई बैटर रियान हैरिस को बोल्‍ड करके जॉनसन की बोलती बंद कर दी थी. इंग्‍लैंड टीम जॉनसन के 62 रनों के बावजूद पहले दिन ऑस्‍ट्रेलिया को 268 के स्‍कोर पर समेटने में सफल हुई थी.

‘..क्‍योंकि आपकी पत्‍नी मुझे बिस्किट खिलाती है’

क्रिकेट मैदान पर ऑस्‍ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्‍लेन मैक्ग्रा  (Glenn McGrath) भी स्‍लेजिंग में उलझ चुके हैं. श्रीलंका में 1996 में चतुष्‍कोणीय वनडे सीरीज के मैच में ऑस्‍ट्रेलिया ने जिम्‍बाब्‍वे के 9 विकेट 120 रन के आसपास गिरा दिए थे और निचले क्रम के बैटर एडो ब्रांडस (Eddo Brandes) क्रीज पर थे. पारी का अंत नजदीक देख ब्रांडस जमकर स्‍ट्रोक लगा रहे थे, ऐसे में गुस्‍सा दिलाने के लिए मैक्ग्रा ने भारीभरकम शरीर के जिम्‍बाब्‍वे के बैटर से पूछा, ‘तुम इतने मोटे क्‍यों हो?’. इस सवाल का जवाब देते हुए ब्रांडस ने कहा, ‘वह इसलिए क्‍योंकि हर बार जब मैं आपकी बीवी से प्‍यार करता हूं तो वह मुझे बिस्किट देती है.’ मैक्ग्रा इस जवाब से हैरान रह गए क्‍योंकि उनका तब विवाह भी नहीं हुआ था.

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मैक्ग्रा का वेस्‍टइंडीज के रामनरेश सरवन (Ramnaresh Sarwan) से भी विवाद हो चुका है. ऑस्‍ट्रेलिया और वेस्‍टइंडीज के बीच 2003 की टेस्‍ट सीरीज के एंटीगा टेस्‍ट में इंडीज के सामने जीत के लिए 418 रन का टारगेट था. ऑस्‍ट्रेलिया जीत तय मान रहा था लेकिन ब्रायन लारा और सरवन की जोड़ी ने विकेट पर लंगर डाल दिया. ऐसे में सरवन की एकाग्रता भंग करने के लिए मैग्राथ ने ऐसा सवाल पूछा था जिसे लिखा नहीं जा सकता. इस सवाल के जवाब में सरवन ने कहा-मैं नहीं जानता, तुम अपनी बीवी से पूछो. इस पर मैग्राथ ने बीवी का फिर जिक्र करने पर सरवन को गला कटाने की धमकी दे डाली थी. जानकारी के अनुसार, मैग्राथ की बीवी जेन उस समय कैंसर से जूझ रही थीं और सरवन द्वारा बीवी का जिक्र किए जाने पर मैग्राथ को गुस्‍सा आ गया था. वे यह भूल गए थे कि इस नोकझोंक की शुरुआत उन्‍होंने ही की थी. मैच में 418 रन का टारगेट हासिल कर इंडीज टीम ने 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया था.

‘मेरी गेंदों को पीटकर बताओ तो मानूं..’

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वर्ष 1989-90 के भारतीय टीम के पाकिस्‍तान दौरे में 16 साल के सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने खूब चर्चा बटोरी थी. दौरे में वनडे सीरीज का पहला मैच पेशावर में खेला जाना था लेकिन खराब रोशनी के कारण इसे रद्द करना पड़ा. चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्‍तान के इस मैच को देखने बड़ी संख्‍या में फैन स्‍टेडियम पहुंचे थे. ऐसे में उनके मनोरंजन के लिए आयोजकों ने 20-20 ओवर का प्रदर्शन मैच कराने का निर्णय लिया. मैच में पाकिस्‍तान टीम के युवा लेग स्पिनर मुश्‍ताक अहमद के ओवर की तीन गेंदों पर सचिन ने दो छक्‍कों और एक चौके की मदद से 16 रन ठोक दिए. ऐसे में दिग्‍गज पाकिस्‍तानी लेग स्पिनर अब्‍दुल कादिर (Abdul Qadir) ने उनके ओवर में सचिन को ऐसा करने की चुनौती दे डाली.

विश्‍व क्रिकेट के बेहतरीन रिस्‍ट स्पिनरों में से एक कादिर ने कहा था-बच्‍चे की गेंद की क्‍या छक्‍का लगा रहे हो. मेरी गेंद पर लगाकर बताओ. सचिन ने इस चुनौती को स्‍वीकार किया और कादिर के ओवर में चार छक्‍के और एक चौका जड़ दिया. कादिर (अब स्‍वर्गीय) ने बाद में कपिल शर्मा शो में भी बताया था कि सचिन ने जिस तरह से ये छक्‍के लगाए थे उससे मुझे अहसास हो गया था कि वे दुनिया के बड़े बल्‍लेबाज बनेंगे. सचिन ने इस मैच में 18 गेंद पर 53 रन बनाए थे. हालांकि, उनकी इस पारी के बावजूद भारत मैच हार गया था.

Tags: Glenn McGrath, On This Day, Sachin tendulkar, Virender sehwag

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