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  • Swatantra Veer Savarkar’s Collection Reached 5.90 Crores, Increase In Earnings On Sunday; Margao Express Has Earned Rs 7.10 Crore So Far

4 घंटे पहले

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स्वातंत्र्य वीर सावरकर ने रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को 2.60 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। फिल्म का टोटल कलेक्शन 5.90 करोड़ रुपए हो गया है। वर्ल्डवाइड बात करें तो इसने 8.26 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है। स्वातंत्र्य वीर सावरकर के साथ रिलीज हुई फिल्म मडगांव एक्सप्रेस ने 7.10 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। रविवार को फिल्म ने 2.85 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। रविवार को दोनों फिल्मों की कमाई में बढ़ोतरी देखी गई।

हर दिन के हिसाब से स्वातंत्र्य वीर सावरकर का कलेक्शन

  • पहले दिन-1.05 करोड़
  • दूसरे दिन- 2.25 करोड़
  • तीसरे दिन- 2.60 करोड़
  • टोटल- 5.90 करोड़
फिल्म वीर सावरकर की लाइफ पर बनी है।

फिल्म वीर सावरकर की लाइफ पर बनी है।

हर दिन के हिसाब से मडगांव एक्सप्रेस का कलेक्शन

  • पहले दिन- 1.5 करोड़
  • दूसरे दिन- 2.75 करोड़
  • तीसरे दिन- 2.85 करोड़
  • टोटल- 7.10 करोड़
दिव्येंदु शर्मा, प्रतीक गांधी और अविनाश तिवारी स्टारर फिल्म मडगांव एक्सप्रेस एक डॉर्क कॉमेडी फिल्म है।

दिव्येंदु शर्मा, प्रतीक गांधी और अविनाश तिवारी स्टारर फिल्म मडगांव एक्सप्रेस एक डॉर्क कॉमेडी फिल्म है।

ये दोनों फिल्मे 22 मार्च को रिलीज हुई थीं। स्वातंत्र्य वीर सावरकर जहां वीर सावरकर की लाइफ पर बेस्ड एक सीरियस फिल्म है, वहीं मडगांव एक्सप्रेस एक कॉमेडी फिल्म है। दोनों फिल्मों को ऑडियंस का मिक्स रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। हालांकि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में दोनों फिल्मों की रफ्तार काफी सुस्त है।

स्वातंत्र्य वीर सावरकर में रणदीप हु़ड्डा ने खुद को झोंका
रणदीप हुड्डा को देख कर यही लगता है कि सावरकर के रोल में उनसे बेहतर शायद ही कोई कास्ट हो सकता था। ऐसा लगा कि हम सावरकर को ही पर्दे पर देख रहे हैं। काला पानी वाले सीक्वेंस में रणदीप हुड्डा ने असाधारण एक्टिंग की है। इस रोल के लिए उन्होंने जो मेहनत की है, वो पर्दे पर साफ दिखाई देती है। फिल्म का रिव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

रणदीप हुड्डा अंडमान और निकोबार के उस सेल्यूलर जेल भी जा चुके हैं, जहां वीर सावरकर ने करीब 10 साल कालापानी की सजा गुजारी थी।

रणदीप हुड्डा अंडमान और निकोबार के उस सेल्यूलर जेल भी जा चुके हैं, जहां वीर सावरकर ने करीब 10 साल कालापानी की सजा गुजारी थी।

मडगांव एक्सप्रेस के जरिए कुणाल खेमू पहली बार डायरेक्शन में उतरे
कुणाल खेमू ने पहली बार किसी फिल्म का डायरेक्शन किया है। अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म में ही उन्होंने कमाल कर दिया है। एक सिंपल सी कहानी को उन्होंने इतने दिलचस्प अंदाज में दिखाया है कि उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। फिल्म का रिव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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