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13 घंटे पहले

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आमिर खान स्टारर ‘लगान’ में 30 मिनट का लंबा क्लाइमैक्स सीन था, जिसमें भारतीयों ने अंग्रेजों की टीम को हरा दिया था। हाल ही में सिनेमेटोग्राफर अनिल मेहता ने उस सीन के बारे में बातचीत की।

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‘लगान’ के क्लाइमैक्स को शूट करने में हुई थीं परेशानियां
सिनेमेटोग्राफर अनिल मेहता ने खुलासा किया कि ‘लगान’ का क्लाइमैक्स शूट का अनुभव बहुत थकाऊ था। उन्होंने कहा- हम लोगों ने 30 दिनों तक शूटिंग की। एक ही सीन को बार-बार शूट करना नीरस और थकाऊ हो जाता था। हालांकि मेरा काम दो टीम के बीच हो रहे क्रिकेट के बारे में नहीं बल्कि प्लेयर के इमोशन को स्क्रीन पर दिखाने का था। क्रिकेट मैच की शूटिंग के बारे में पूरी टीम ने काफी समय तक अपने-अपने विचार साझा किए थे।

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‘लगान’ की शूटिंग शुरू करने से पहले आशुतोष गोवारिकर (फिल्म के डायरेक्टर) ने मुझसे वादा किया था कि वो एक पूरी किताब लिखेंगे। क्रिकेट मैच वाले सीन को कैसे शूट करना है- ये भी उस किताब में विस्तार से लिखा होगा। चूंकि ये सीक्वन्स फिल्म के लिए बहुत जरूरी था, इसलिए हम सबको इसके लिए पहले से तैयार रहना था। लेकिन वो किताब उन सीन्स को फिल्माने के एक-दो दिन पहले तक नहीं लिखी गई थी।

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अनिल मेहता ने सीन शूट करने की बारीकियों को बताया
‘लगान’ के फिल्ममेकर्स को फिल्म की शूटिंग को लेकर बातचीत और सीन्स को लिखने के लिए छुट्टी लेनी पड़ी थी। अनिल मेहता ने आगे कहा- पूरा का पूरा क्रू दो दिनों तक होटल में बैठा था। हम लोगों को दो दिनों की छुट्टी लेनी पड़ी थी। क्योंकि हमें क्लाइमैक्स सीन को विस्तार से लिखना था और फिर उनके सीन के हर पहलू पर बात भी करनी थी।

आशुतोष गोवारिकर,आमिर खान और टीम के सपोर्टिंग डायरेक्टर और राइटर एक-साथ बैठे थे। ये समझने के लिए कि सीन को कैसे बनाया जाए। उस क्लाइमैक्स के सीन को सेट पर ही लिखा गया था।

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स्पोर्ट्स कवरेज नहीं बल्कि फिल्म में क्रिकेट सीन शूट करने की बात पर बहस हुई थी
अनिल मेहता ने आगे बताया- ये जरूरी था कि क्रिकेट मैच वाले सीन को बारीकी से प्लान किया जाए। आपको हर बॉल का हिसाब लिखना होगा, नहीं तो आप ठीक तरह से नहीं दिखा पाएंगे।

दरअसल फिल्म की टीम ने इस सीन के लिए 8 कैमरे लगाने का आइडीया सोचा था लेकिन अनिल मेहता ने डिसाइड किया था कि वे एक कैमरा से ही ये सीन शूट करेंगे। उन्होंने कहा- उस दिन हमारे पास बस एक चालू कैमरा और एक एक्स्ट्रा कैमरा था। क्लाइमैक्स सीन को फिल्माने को लेकर बहुत बड़ी बहस भी हुई थी। बार-बार इस बात को दोहराना पड़ रहा था कि हम स्पोर्ट्स कवरेज नहीं बल्कि फिल्म में स्पोर्ट्स सीन दिखा रहे थे। ये बात शूटिंग के दिन तक डिस्कस हो रही थी।

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