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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई सितारे हुए हैं, जो खेल के साथ-साथ अपनी पर्सनालिटी से भी लोगों को दीवाना बना लेते हैं. टीम इंडिया के मौजूदा कोच राहुल द्रविड़ ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं. कोई शक नहीं कि क्रिकेटरों की इस एलीट लीग में अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) का नाम भी शामिल है. अजिंक्य रहाणे इन दिनों टीम इंडिया से भले ही बाहर हैं, लेकिन उनके चाहने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. रणजी ट्रॉफी के फाइनल में मुंबई की कप्तानी कर रहे अजिंक्य रहाणे ने मंगलवार को कुछ ऐसा किया कि एक बार फिर लोग तारीफ करने को मजबूर हो गए.

अजिंक्य रहाणे इन दिनों मुंबई की कप्तानी कर रहे हैं. मुंबई ने उनकी कप्तानी में रणजी ट्रॉफी के फाइनल (Ranji Trophy Final) में जगह बना ली है. बहुत संभव है कि मुंबई बुधवार को ही ट्रॉफी भी जीत ले. लेकिन अभी बात ट्रॉफी नहीं, रहाणे की सज्जनता की. रहाणे ने विदर्भ के खिलाफ फाइनल में बताया कि कि आखिरक्रिकेट को ‘जेंटलमैनगेम’ क्यों कहा जाता है.

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अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) रणजी फाइनल के तीसरे दिन जब 73 के स्कोर पर थे तब हर्ष दुबे की एक गेंद उनके बल्ले का बारीक किनारा लेती हुई विकेटकीपर के पास गई. विकेटकीपर अक्षय वाडकर ने इसे आसानी से लपक लिया. लेकिन यह क्या… अभी गेंद वाडकर के दस्ताने में समाई ही थी कि अजिंक्य रहाणे बिना अंपायर के इशारे का इंतजार किए पैवेलियन की ओर चल पड़े.

मुंबई की टीम ने विदर्भ को फाइनल मुकाबला जीतने के लिए 538 रन का असंभव सा लक्ष्य दिया है. मुंबई ने इस मैच की पहली पारी में 224 रन बनाए. इसके जवाब में विदर्भ की टीम महज 105 रन पर ढेर हो गई. इसके बाद मुंबई ने दूसरी पारी में 418 रन का विशाल स्कोर बनाया. मुंबई को इस स्कोर तक पहुंचाने में मुशीर खान (136), श्रेयस अय्यर (95) और अजिंक्य रहाणे (73) का अहम योगदान रहा.

Tags: Ajinkya Rahane, Ranji Trophy



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